राजधानी जयपुर के सैटेलाइट हॉस्पिटल में शुक्रवार को एक गंभीर घटना सामने आई, जहां डॉक्टर को दिखाने में देरी को लेकर नाराज लोगों ने सिक्योरिटी गार्ड के साथ जमकर मारपीट कर दी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पीड़ित सिक्योरिटी गार्ड ने इस मामले की शिकायत बनीपार्क थाना पुलिस को दी है, जिसके आधार पर सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए मामला दर्ज कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में शुक्रवार दोपहर को एक मरीज डॉक्टर को दिखाने आया था। अस्पताल में भीड़ अधिक होने के कारण डॉक्टर से मिलने में देरी हो रही थी। इसी बात को लेकर मरीज के साथ आए परिजन गुस्से में आ गए और अस्पताल में मौजूद सिक्योरिटी गार्ड से बहस करने लगे। गार्ड ने जब उन्हें शांत रहने और प्रक्रिया के अनुसार लाइन में रहने को कहा, तो परिजनों ने गुस्से में आकर उसे अस्पताल परिसर से बाहर कर दिया।
गार्ड के मुताबिक, उसने स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए कुछ लोगों को बाहर जाने को कहा था। इसके कुछ ही देर बाद करीब दर्जनभर लोग अस्पताल में वापस लौटे और गार्ड को घेरकर मारपीट शुरू कर दी। घटना इतनी तेजी से घटी कि अस्पताल में मौजूद अन्य स्टाफ को बीच-बचाव करने का मौका भी नहीं मिला।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई पूरी घटना
मारपीट की पूरी वारदात अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे हमलावरों ने गार्ड पर हमला किया और उसे जमीन पर गिराकर लात-घूंसे मारे। पीड़ित गार्ड ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बनीपार्क थाने में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है और फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
स्वास्थ्यकर्मियों में रोष, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल स्टाफ में आक्रोश फैल गया है। स्वास्थ्यकर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और प्रबंधन से मांग की है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा को और पुख्ता किया जाए। उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों में ऐसे हमले बढ़े हैं और अगर समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए तो कर्मचारी काम करने से पीछे हट सकते हैं।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
बनीपार्क थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित गार्ड की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा है कि मरीजों की सेवा में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे प्राथमिक है और इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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